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सुनन नसाई

नंबर 3952

नंबर 3952किताब 36, नंबर 14
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ آدَمَ، عَنْ عَبْدَةَ، عَنْ هِشَامٍ، عَنْ صَالِحِ بْنِ رَبِيعَةَ بْنِ هُدَيْرٍ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ أَوْحَى اللَّهُ إِلَى النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم وَأَنَا مَعَهُ فَقُمْتُ فَأَجَفْتُ الْبَابَ بَيْنِي وَبَيْنَهُ فَلَمَّا رُفِّهَ عَنْهُ قَالَ لِي ‏ "‏ يَا عَائِشَةُ إِنَّ جِبْرِيلَ يُقْرِئُكِ السَّلاَمَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that 'Aishah said:"Allah sent Revelation to the Prophet when I was with him, so I got up and closed the door between him and I. When it was taken off him, he said to me: 'O 'Aishah, Jibril sends greetings of Salam to you
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Daif IsnaadAbu Ghuddah
  • Daif IsnaadAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · The Book of the Kind Treatment of Women

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।