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सुनन नसाई

नंबर 3949

नंबर 3949किताब 36, नंबर 11
أَخْبَرَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ إِسْحَاقَ الصَّغَانِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا شَاذَانُ، قَالَ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ، عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ يَا أُمَّ سَلَمَةَ لاَ تُؤْذِينِي فِي عَائِشَةَ فَإِنَّهُ وَاللَّهِ مَا أَتَانِي الْوَحْىُ فِي لِحَافِ امْرَأَةٍ مِنْكُنَّ إِلاَّ هِيَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that 'Aishah said:"The Messenger of Allah said: 'O Umm Salamah, do not bother me about 'Aishah, for by Allah, the Revelation has never come to me under the blanket of any of you apart from her
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad Sahih Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · The Book of the Kind Treatment of Women

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।