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सुनन नसाई

नंबर 3843

नंबर 3843किताब 35, नंबर 83
أَخْبَرَنِي إِبْرَاهِيمُ بْنُ يَعْقُوبَ، قَالَ حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ مُوسَى، قَالَ حَدَّثَنَا شَيْبَانُ، عَنْ يَحْيَى، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ الزُّبَيْرِ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عِمْرَانَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ نَذْرَ فِي غَضَبٍ وَكَفَّارَتُهُ كَفَّارَةُ الْيَمِينِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that 'Imran said:The Messenger of Allah said: "There is no vow at a moment of anger and its expiation is the expiation for an oath
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAbu Ghuddah
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 35 · The Book of Agriculture

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।