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सुनन नसाई

नंबर 3822

नंबर 3822किताब 35, नंबर 62
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْحَكَمِ، قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، قَالَ سَمِعْتُ عُبَيْدَ اللَّهِ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، أَنَّ عُمَرَ، كَانَ جَعَلَ عَلَيْهِ يَوْمًا يَعْتَكِفُهُ فِي الْجَاهِلِيَّةِ فَسَأَلَ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنْ ذَلِكَ فَأَمَرَهُ أَنْ يَعْتَكِفَهُ ‏.‏
It was narrated from Ibn 'Umar that 'Umar had vowed -during the Jahiliyyah- to spend a day in 'Itikaf. He asked the Messenger of Allah about that, and he commanded him to perform the 'Itikaf
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 35 · The Book of Agriculture

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।