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सुनन नसाई

नंबर 3808

नंबर 3808किताब 35, नंबर 48
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْعَلاَءِ، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ إِدْرِيسَ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ، عَنْ طَلْحَةَ بْنِ عَبْدِ الْمَلِكِ، عَنِ الْقَاسِمِ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ مَنْ نَذَرَ أَنْ يُطِيعَ اللَّهَ فَلْيُطِعْهُ وَمَنْ نَذَرَ أَنْ يَعْصِيَ اللَّهَ فَلاَ يَعْصِهِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that 'Aishah said:"I heard the Messenger of Allah say: 'Whoever vows to obey Allah, let him obey Him, and whoever vows to disobey Allah, let him not disobey Him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 35 · The Book of Agriculture

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।