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सुनन नसाई

नंबर 3805

नंबर 3805किताब 35, नंबर 45
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ، عَنِ الْعَلاَءِ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ تَنْذِرُوا فَإِنَّ النَّذْرَ لاَ يُغْنِي مِنَ الْقَدَرِ شَيْئًا وَإِنَّمَا يُسْتَخْرَجُ بِهِ مِنَ الْبَخِيلِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Hurairah that the Prophet said:"Do not make vows, for a vow does not have any impact on the Qadar. Rather it is just a means of taking wealth from the miserly
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 35 · The Book of Agriculture

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।