सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 3799

नंबर 3799किताब 35, नंबर 39
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ مُغِيرَةَ، عَنْ أَبِي وَائِلٍ، عَنْ قَيْسِ بْنِ أَبِي غَرَزَةَ، قَالَ أَتَانَا النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم وَنَحْنُ فِي السُّوقِ فَقَالَ ‏ "‏ إِنَّ هَذِهِ السُّوقَ يُخَالِطُهَا اللَّغْوُ وَالْكَذِبُ فَشُوبُوهَا بِالصَّدَقَةِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Qais bin Abi Gharazah said:"The Prophet came to us when we were in the marketplace and said: 'This marketplace is filled with idle talk and (false) oaths, so mix some charity with it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 35 · The Book of Agriculture

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।