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सुनन नसाई

नंबर 3792

नंबर 3792किताब 35, नंबर 32
أَخْبَرَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ مُحَمَّدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ الأَخْنَسِ، قَالَ أَخْبَرَنِي عَمْرُو بْنُ شُعَيْبٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ جَدِّهِ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ نَذْرَ وَلاَ يَمِينَ فِيمَا لاَ تَمْلِكُ وَلاَ فِي مَعْصِيَةٍ وَلاَ قَطِيعَةِ رَحِمٍ ‏"‏ ‏.‏
Amr bin Shu'aib narrated from his father, from his grandfather, that the Messenger of Allah said:"There is no vow and no oath concerning that which one does not possess, nor to commit sin, nor to sever the ties of kinship
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAbu Ghuddah
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 35 · The Book of Agriculture

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।