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सुनन नसाई

नंबर 3783

नंबर 3783किताब 35, नंबर 23
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ سُلَيْمَانَ، قَالَ حَدَّثَنَا عَفَّانُ، قَالَ حَدَّثَنَا جَرِيرُ بْنُ حَازِمٍ، قَالَ سَمِعْتُ الْحَسَنَ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ سَمُرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِذَا حَلَفْتَ عَلَى يَمِينٍ فَكَفِّرْ عَنْ يَمِينِكَ ثُمَّ ائْتِ الَّذِي هُوَ خَيْرٌ ‏"‏ ‏.‏
Abdur-Rahman bin Samurah said:"The Messenger of Allah said: 'If you swear an oath, offer expiation for your oath, then do that which is better
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 35 · The Book of Agriculture

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।