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सुनन नसाई

नंबर 3771

नंबर 3771किताब 35, नंबर 11
أَخْبَرَنِي مَحْمُودُ بْنُ خَالِدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو عَمْرٍو، عَنْ يَحْيَى، أَنَّهُ حَدَّثَهُ قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو قِلاَبَةَ، قَالَ حَدَّثَنِي ثَابِتُ بْنُ الضَّحَّاكِ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنْ حَلَفَ بِمِلَّةٍ سِوَى الإِسْلاَمِ كَاذِبًا فَهُوَ كَمَا قَالَ وَمَنْ قَتَلَ نَفْسَهُ بِشَىْءٍ عُذِّبَ بِهِ فِي الآخِرَةِ ‏"‏ ‏.‏
Thabit bin Ad-Dahhak narrated that the Messenger of Allah said:"Whoever swears by a religion other than Islam, telling a lie, will be as he said, and whoever kills himself with something will be punished with it in the Hereafter
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 35 · The Book of Agriculture

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।