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सुनन नसाई

नंबर 3768

नंबर 3768किताब 35, नंबर 8
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عُثْمَانَ بْنِ سَعِيدٍ، قَالَ أَنْبَأَنَا مُحَمَّدٌ، - وَهُوَ ابْنُ حَرْبٍ - عَنِ الزُّبَيْدِيِّ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ سَالِمٍ، عَنْ أَبِيهِ، أَنَّهُ أَخْبَرَهُ عَنْ عُمَرَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِنَّ اللَّهَ يَنْهَاكُمْ أَنْ تَحْلِفُوا بِآبَائِكُمْ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ عُمَرُ فَوَاللَّهِ مَا حَلَفْتُ بِهَا بَعْدُ ذَاكِرًا وَلاَ آثِرًا ‏.‏
It was narrated from Salim, from his father, that he told him from 'Umar:"The Messenger of Allah said: 'Allah forbids you to swear by your forefathers.'" 'Umar said: "By Allah, I never swore by them again, whether saying it for myself or reporting it of others
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 35 · The Book of Agriculture

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।