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सुनन नसाई

नंबर 3764

नंबर 3764किताब 35, नंबर 4
أَخْبَرَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ، عَنْ إِسْمَاعِيلَ، - وَهُوَ ابْنُ جَعْفَرٍ - قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ دِينَارٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏"‏ مَنْ كَانَ حَالِفًا فَلاَ يَحْلِفْ إِلاَّ بِاللَّهِ ‏"‏ ‏.‏ وَكَانَتْ قُرَيْشٌ تَحْلِفُ بِآبَائِهَا فَقَالَ ‏"‏ لاَ تَحْلِفُوا بِآبَائِكُمْ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Ibn 'Umar said:"The Messenger of Allah said: 'Whoever swears, let him not swear by anything other than Allah.'" The Quraish used to swear by their forefathers, and so he said: "Do not swear by your forefathers
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 35 · The Book of Agriculture

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।