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सुनन नसाई

नंबर 3734

नंबर 3734किताब 34, नंबर 16
أَخْبَرَنِي عَبْدَةُ بْنُ عَبْدِ الرَّحِيمِ، قَالَ أَنْبَأَنَا وَكِيعٌ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ زِيَادِ بْنِ أَبِي الْجَعْدِ، عَنْ حَبِيبِ بْنِ أَبِي ثَابِتٍ، قَالَ سَمِعْتُ ابْنَ عُمَرَ، يَقُولُ نَهَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنِ الرُّقْبَى وَقَالَ ‏ "‏ مَنْ أُرْقِبَ رُقْبَى فَهُوَ لَهُ ‏"‏ ‏.‏
Yazid bin Ziyad bin Abi Al-Ja'd narrated from Habib bin Abi Thabit, who said:"I heard Ibn 'Umar say: 'The Messenger of Allah forbade Ruqba and said: "Whoever is given something on the basis of Ruqba, it belongs to him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 34 · The Book of 'Umra

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।