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सुनन नसाई

नंबर 3701

नंबर 3701किताब 32, नंबर 14
أَخْبَرَنِي زَكَرِيَّا بْنُ يَحْيَى، قَالَ حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ، قَالَ حَدَّثَنَا الْمَخْزُومِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا وُهَيْبٌ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ طَاوُسٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ الْعَائِدُ فِي هِبَتِهِ كَالْكَلْبِ يَقِيءُ ثُمَّ يَعُودُ فِي قَيْئِهِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'Abdullah bin Tawus, from his father, from Ibn 'Abbas, that the Messenger of Allah said:"The one who takes back his gift, is like the dog which vomits then goes back to its vomit
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 32 · The Book of Gifts

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।