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सुनन नसाई

नंबर 3693

नंबर 3693किताब 32, नंबर 6
أَخْبَرَنَا مَحْمُودُ بْنُ خَالِدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا عُمَرُ، عَنِ الأَوْزَاعِيِّ، قَالَ حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ عَلِيِّ بْنِ حُسَيْنٍ، قَالَ حَدَّثَنِي سَعِيدُ بْنُ الْمُسَيَّبِ، قَالَ حَدَّثَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَبَّاسٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَثَلُ الَّذِي يَرْجِعُ فِي صَدَقَتِهِ كَمَثَلِ الْكَلْبِ يَرْجِعُ فِي قَيْئِهِ فَيَأْكُلُهُ ‏"‏ ‏.‏
Abdullah bin 'Abbas said:"The Messenger of Allah said: 'The likeness of the one who takes back his gift, is that of a dog which goes back to its vomit and eats it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 32 · The Book of Gifts

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।