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सुनन नसाई

नंबर 3691

नंबर 3691किताब 32, नंबर 4
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الْخَلَنْجِيُّ الْمَقْدِسِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو سَعِيدٍ، - وَهُوَ مَوْلَى بَنِي هَاشِمٍ - عَنْ وُهَيْبٍ، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ طَاوُسٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ الْعَائِدُ فِي هِبَتِهِ كَالْكَلْبِ يَقِيءُ ثُمَّ يَعُودُ فِي قَيْئِهِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Ibn 'Abbas said:"The Messenger of Allah said: 'The one who takes back his gift is like the dog which vomits then goes back to its vomit
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 32 · The Book of Gifts

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।