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सुनन नसाई

नंबर 3687

नंबर 3687किताब 31, नंबर 16
أَخْبَرَنَا يَعْقُوبُ بْنُ سُفْيَانَ، قَالَ حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ حَرْبٍ، قَالَ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ، عَنْ حَاجِبِ بْنِ الْمُفَضَّلِ بْنِ الْمُهَلَّبِ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ سَمِعْتُ النُّعْمَانَ بْنَ بَشِيرٍ، يَخْطُبُ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ اعْدِلُوا بَيْنَ أَبْنَائِكُمُ اعْدِلُوا بَيْنَ أَبْنَائِكُمْ ‏"‏ ‏.‏
An-Nu'man bin Bashir delivered a Khutbah and said:"The Messenger of Allah said: 'Treat your children fairly, treat your children fairly
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 31 · The Book of Presents

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।