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सुनन नसाई

नंबर 3666

नंबर 3666किताब 30, नंबर 56
أَخْبَرَنِي إِبْرَاهِيمُ بْنُ الْحَسَنِ، عَنْ حَجَّاجٍ، قَالَ سَمِعْتُ شُعْبَةَ، يُحَدِّثُ عَنْ قَتَادَةَ، قَالَ سَمِعْتُ الْحَسَنَ، يُحَدِّثُ عَنْ سَعْدِ بْنِ عُبَادَةَ، أَنَّ أُمَّهُ، مَاتَتْ فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّ أُمِّي مَاتَتْ أَفَأَتَصَدَّقُ عَنْهَا قَالَ ‏"‏ نَعَمْ ‏"‏‏.‏ قَالَ فَأَىُّ الصَّدَقَةِ أَفْضَلُ قَالَ ‏"‏ سَقْىُ الْمَاءِ ‏"‏‏.‏ فَتِلْكَ سِقَايَةُ سَعْدٍ بِالْمَدِينَةِ‏.‏
It was narrated from Sa'd bin 'Ubadah that his mother died. He said:"O Messenger of Allah, my mother has died; can I give charity on her behalf?" He said: "Yes." He said: "What kind of charity is best?" He said: "Providing drinking water." And that is the drinking-fountain of Sa'd in Al-Madinah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan LighairihiAbu Ghuddah
  • HasanAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 30 · The Book of Wills

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।