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सुनन नसाई

नंबर 3643

नंबर 3643किताब 30, नंबर 33
أَخْبَرَنَا عُتْبَةُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الْمَرْوَزِيُّ، قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْمُبَارَكِ، قَالَ أَنْبَأَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ أَبِي خَالِدٍ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ عَمْرِو بْنِ خَارِجَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِنَّ اللَّهَ عَزَّ اسْمُهُ قَدْ أَعْطَى كُلَّ ذِي حَقٍّ حَقَّهُ وَلاَ وَصِيَّةَ لِوَارِثٍ ‏"‏‏.‏
It was narrated that 'Amr bin Kharijah said:"The Messenger of Allah said: 'Allah, Mighty is His Name, has given every person who has rights his due, and there is no bequest to an heir
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 30 · The Book of Wills

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।