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सुनन नसाई

नंबर 3632

नंबर 3632किताब 30, नंबर 22
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، قَالَ حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عُرْوَةَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ سَعْدٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم عَادَهُ فِي مَرَضِهِ فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ أُوصِي بِمَالِي كُلِّهِ قَالَ ‏"‏ لاَ ‏"‏‏.‏ قَالَ فَالشَّطْرَ قَالَ ‏"‏ لاَ ‏"‏‏.‏ قَالَ فَالثُّلُثَ قَالَ ‏"‏ الثُّلُثَ وَالثُّلُثُ كَثِيرٌ أَوْ كَبِيرٌ ‏"‏‏.‏
It was narrated from Sa'd that the Prophet visited him when he was sick, and he said:"O Messenger of Allah, shall I bequeath all of my wealth?" He said: "No." He said: "Half?" He said: "No." He said: "One-third?" He said: "One-third, and one-third is much or large
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAbu Ghuddah
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 30 · The Book of Wills

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।