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सुनन नसाई

नंबर 3629

नंबर 3629किताब 30, नंबर 19
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ سُلَيْمَانَ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو نُعَيْمٍ، قَالَ حَدَّثَنَا مِسْعَرٌ، عَنْ سَعْدِ بْنِ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنِي بَعْضُ، آلِ سَعْدٍ قَالَ مَرِضَ سَعْدٌ فَدَخَلَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ أُوصِي بِمَالِي كُلِّهِ قَالَ ‏ "‏ لاَ ‏"‏‏.‏ وَسَاقَ الْحَدِيثَ‏.‏
One from the family of Sa'd narrated:"Sa'd fell sick and the Messenger of Allah entered upon him and he said: 'O Messenger of Allah, shall I bequeath all my money?' He said: 'No.'" And he quoted the same Hadith
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 30 · The Book of Wills

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।