सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 3622

नंबर 3622किताब 30, नंबर 12
أَخْبَرَنِي مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ، حَدَّثَنَا مُصْعَبٌ، حَدَّثَنَا دَاوُدُ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ شَقِيقٍ، عَنْ مَسْرُوقٍ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ مَا تَرَكَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم دِرْهَمًا وَلاَ دِينَارًا وَلاَ شَاةً وَلاَ بَعِيرًا وَمَا أَوْصَى‏.‏
It was narrated that 'Aishah said:"The Messenger of Allah did not leave behind a Dirham or a Dinar, or a sheep or a camel, and he did not leave any will
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 30 · The Book of Wills

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।