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सुनन नसाई

नंबर 3620

नंबर 3620किताब 30, नंबर 10
أَخْبَرَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ مَسْعُودٍ، قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدُ بْنُ الْحَارِثِ، قَالَ حَدَّثَنَا مَالِكُ بْنُ مِغْوَلٍ، قَالَ حَدَّثَنَا طَلْحَةُ، قَالَ سَأَلْتُ ابْنَ أَبِي أَوْفَى أَوْصَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ لاَ‏.‏ قُلْتُ كَيْفَ كَتَبَ عَلَى الْمُسْلِمِينَ الْوَصِيَّةَ قَالَ أَوْصَى بِكِتَابِ اللَّهِ‏.‏
Talha said:"I asked Ibn Abi Awfa: 'Did the Messenger of Allah leave a will?' He said: 'No.' I said: 'How come it is prescribed for the Muslims to make wills?' He said: 'He left instructions urging the Muslims to adhere to the Book of Allah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 30 · The Book of Wills

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।