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सुनन नसाई

नंबर 388

नंबर 388किताब 3, नंबर 41
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا الْفُضَيْلُ، - وَهُوَ ابْنُ عِيَاضٍ - عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ تَمِيمِ بْنِ سَلَمَةَ، عَنْ عُرْوَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كَانَ يُخْرِجُ رَأْسَهُ مِنَ الْمَسْجِدِ وَهُوَ مُعْتَكِفٌ فَأَغْسِلُهُ وَأَنَا حَائِضٌ ‏.‏
It was narrated from 'Aishah:"The Messenger of Allah (ﷺ) used to put his head out of the Masjid while he was performing I'tikaf, and I would wash it, while I was menstruating
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 3 · The Book of Menstruation and Istihadah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।