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सुनन नसाई

नंबर 3598

नंबर 3598किताब 29, नंबर 5
أَخْبَرَنِي هَارُونُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ حَدَّثَنَا مُعَاوِيَةُ بْنُ عَمْرٍو، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ الْفَزَارِيِّ، عَنِ ابْنِ عَوْنٍ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، عَنْ عُمَرَ، رضى الله عنه عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم نَحْوَهُ ‏.‏
A similar report was narrated from Abu Ishaq Al-Fazari, from (Ayyub) bin 'Awn, from Nafi', from Ibn 'Umar, from 'Umar, may Allah be pleased with him, from the Prophet
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 29 · The Book of Endowments

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।