أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرٍ الْحَنَفِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا يُونُسُ بْنُ أَبِي إِسْحَاقَ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ سَمِعْتُ عَمْرَو بْنَ الْحَارِثِ، يَقُولُ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم مَا تَرَكَ إِلاَّ بَغْلَتَهُ الشَّهْبَاءَ وَسِلاَحَهُ وَأَرْضًا تَرَكَهَا صَدَقَةً .
Yunus bin Abi Ishaq narrated that his father said:"I heard 'Amr bin Al-Harith say: 'I saw the Messenger of Allah and he left nothing behind except his white mule, his weapon and some land which he left as a charity
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAbu Ghuddah
SahihAl-Albani
HasanZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।