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सुनन नसाई

नंबर 3586

नंबर 3586किताब 28, नंबर 26
أَخْبَرَنَا سَعِيدُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ أَبُو عُبَيْدِ اللَّهِ الْمَخْزُومِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنِ ابْنِ أَبِي ذِئْبٍ، عَنْ نَافِعِ بْنِ أَبِي نَافِعٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ سَبَقَ إِلاَّ فِي نَصْلٍ أَوْ خُفٍّ أَوْ حَافِرٍ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Hurairah that the Messenger of Allah said:"There should be no awards (for victory in a competition) except on arrows, camels or horses
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 28 · The Book of Horses, Races and Shooting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।