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सुनन नसाई

नंबर 3567

नंबर 3567किताब 28, नंबर 7
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، قَالَ حَدَّثَنِي سَلْمُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ أَبِي زُرْعَةَ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم أَنَّهُ كَرِهَ الشِّكَالَ مِنَ الْخَيْلِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عَبْدِ الرَّحْمَنِ الشِّكَالُ مِنَ الْخَيْلِ أَنْ تَكُونَ ثَلاَثُ قَوَائِمَ مُحَجَّلَةً وَوَاحِدَةٌ مُطْلَقَةً أَوْ تَكُونَ الثَّلاَثَةُ مُطْلَقَةً وَرِجْلٌ مُحَجَّلَةً وَلَيْسَ يَكُونُ الشِّكَالُ إِلاَّ فِي رِجْلٍ وَلاَ يَكُونُ فِي الْيَدِ ‏.‏
It was narrated from Abu Hurairah that the Prophet used to dislike the Shikal among horses
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 28 · The Book of Horses, Races and Shooting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।