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सुनन नसाई

नंबर 3560

नंबर 3560किताब 27, नंबर 174
أَخْبَرَنَا عَبْدَةُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ أَنْبَأَنَا يَحْيَى بْنُ آدَمَ، ح وَأَنْبَأَنَا عَمْرُو بْنُ مَنْصُورٍ، قَالَ حَدَّثَنَا سَهْلُ بْنُ مُحَمَّدٍ أَبُو سَعِيدٍ، قَالَ نُبِّئْتُ عَنْ يَحْيَى بْنِ زَكَرِيَّا، عَنْ صَالِحِ بْنِ صَالِحٍ، عَنْ سَلَمَةَ بْنِ كُهَيْلٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، عَنْ عُمَرَ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم - وَقَالَ عَمْرٌو إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم - كَانَ طَلَّقَ حَفْصَةَ ثُمَّ رَاجَعَهَا ‏.‏ وَاللَّهُ أَعْلَمُ ‏.‏
It was narrated from 'Umar that the Prophet -'Amr (one of the narrators) said:"The Messenger of Allah- had divorced Hafsah, then he took her back." And Allah knows best
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · The Book of Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।