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सुनन नसाई

नंबर 3550

नंबर 3550किताब 27, नंबर 164
أَخْبَرَنَا عَبْدُ الْحَمِيدِ بْنُ مُحَمَّدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا مَخْلَدٌ، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ، عَنْ جَابِرٍ، قَالَ طُلِّقَتْ خَالَتُهُ فَأَرَادَتْ أَنْ تَخْرُجَ إِلَى نَخْلٍ لَهَا فَلَقِيَتْ رَجُلاً فَنَهَاهَا فَجَاءَتْ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَقَالَ ‏ "‏ اخْرُجِي فَجُدِّي نَخْلَكِ لَعَلَّكِ أَنْ تَصَدَّقِي وَتَفْعَلِي مَعْرُوفًا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Jabir that his maternal aunt was divorced, and she wanted to go out to some date palms of hers, but she met a man who told her not to do that. She went to the Messenger of Allah and he said:"Go out and take the harvest of your date palms, for perhaps you will give Zakah or do some good (give voluntary charity)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · The Book of Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।