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सुनन नसाई

नंबर 3547

नंबर 3547किताब 27, नंबर 161
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، قَالَ حَدَّثَنَا حَفْصٌ، قَالَ حَدَّثَنَا هِشَامٌ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ فَاطِمَةَ، قَالَتْ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ زَوْجِي طَلَّقَنِي ثَلاَثًا وَأَخَافُ أَنْ يُقْتَحَمَ عَلَىَّ ‏.‏ فَأَمَرَهَا فَتَحَوَّلَتْ ‏.‏
Hisham narrated from his father that Fatimah said:"I said: 'O Messenger of Allah! My husband has divorced me three times and I am afraid that my house be broken into.' So he told her to move
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · The Book of Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।