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सुनन नसाई

नंबर 3542

नंबर 3542किताब 27, नंबर 156
أَخْبَرَنَا الْعَبَّاسُ بْنُ مُحَمَّدٍ، - هُوَ الدُّورِيُّ - قَالَ حَدَّثَنَا الأَسْوَدُ بْنُ عَامِرٍ، عَنْ زَائِدَةَ، عَنْ هِشَامٍ، عَنْ حَفْصَةَ، عَنْ أُمِّ عَطِيَّةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم أَنَّهُ رَخَّصَ لِلْمُتَوَفَّى عَنْهَا عِنْدَ طُهْرِهَا فِي الْقُسْطِ وَالأَظْفَارِ ‏.‏
It was narrated from Hafsah, from Umm 'Atiyyah, from the Prophet, that he granted a concession to the woman whose husband has died, allowing her to use Qust and Azfar when purifying herself following her menses
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · The Book of Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।