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सुनन नसाई

नंबर 3506

नंबर 3506किताब 27, नंबर 118
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ سَلَمَةَ، وَالْحَارِثُ بْنُ مِسْكِينٍ، قِرَاءَةً عَلَيْهِ وَأَنَا أَسْمَعُ، - وَاللَّفْظُ لِمُحَمَّدٍ - قَالاَ أَنْبَأَنَا ابْنُ الْقَاسِمِ، عَنْ مَالِكٍ، عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنِ الْمِسْوَرِ بْنِ مَخْرَمَةَ، أَنَّ سُبَيْعَةَ الأَسْلَمِيَّةَ، نُفِسَتْ بَعْدَ وَفَاةِ زَوْجِهَا بِلَيَالٍ فَجَاءَتْ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَاسْتَأْذَنَتْ أَنْ تَنْكِحَ فَأَذِنَ لَهَا فَنَكَحَتْ ‏.‏
It was narrated from Al-Miswar bin Makhramah that Subai'ah Al-Aslamiyyah gave birth one day after her husband died. She came to the Messenger of Allah and asked his permission to marry, and he gave her permission to marry and she married
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · The Book of Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।