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सुनन नसाई

नंबर 3493

नंबर 3493किताब 27, नंबर 105
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ عُرْوَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم دَخَلَ عَلَىَّ مَسْرُورًا تَبْرُقُ أَسَارِيرُ وَجْهِهِ فَقَالَ ‏ "‏ أَلَمْ تَرَىْ أَنَّ مُجَزِّزًا نَظَرَ إِلَى زَيْدِ بْنِ حَارِثَةَ وَأُسَامَةَ فَقَالَ إِنَّ بَعْضَ هَذِهِ الأَقْدَامِ لَمِنْ بَعْضٍ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that 'Aishah said:"The Messenger of Allah came to me looking happy and cheerful, and he said: 'Did you not see that Mujazziz looked at Zaid bin Harithah and Usamah and said: These feet belong to one another
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · The Book of Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।