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सुनन नसाई

नंबर 3486

नंबर 3486किताब 27, नंबर 98
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا جَرِيرٌ، عَنْ مُغِيرَةَ، عَنْ أَبِي وَائِلٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ الْوَلَدُ لِلْفِرَاشِ وَلِلْعَاهِرِ الْحَجَرُ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عَبْدِ الرَّحْمَنِ وَلاَ أَحْسُبُ هَذَا عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍ وَاللَّهُ تَعَالَى أَعْلَمُ ‏.‏
It was narrated from 'Abdullah that the Messenger of Allah said:"The child is the bed's, and for the fornicator is the stone
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih LighairihiAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · The Book of Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।