सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 3472

नंबर 3472किताब 27, नंबर 84
أَخْبَرَنَا عَلِيُّ بْنُ مَيْمُونٍ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ عَاصِمِ بْنِ كُلَيْبٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم أَمَرَ رَجُلاً حِينَ أَمَرَ الْمُتَلاَعِنَيْنِ أَنْ يَتَلاَعَنَا أَنْ يَضَعَ يَدَهُ عِنْدَ الْخَامِسَةِ عَلَى فِيهِ وَقَالَ ‏ "‏ إِنَّهَا مُوجِبَةٌ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Ibn 'Abbas:"When the Prophet commanded the two who were engaging in Li'an to utter the fifth oath, he commanded a man to place his hand over his mouth, and he said: "It will inevitably bring the punishment upon the liar
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · The Book of Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।