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सुनन नसाई

नंबर 3467

नंबर 3467किताब 27, नंबर 79
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَلِيٍّ، قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ أَبِي بَكْرٍ، قَالَ حَدَّثَنَا عُمَرُ بْنُ عَلِيٍّ، قَالَ حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ عُقْبَةَ، عَنْ أَبِي الزِّنَادِ، عَنِ الْقَاسِمِ بْنِ مُحَمَّدٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ لاَعَنَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بَيْنَ الْعَجْلاَنِيِّ وَامْرَأَتِهِ وَكَانَتْ حُبْلَى ‏.‏
It was narrated that Ibn 'Abbas said:"The Messenger of Allah conducted the procedure of Li'an between the 'Ajlani and his wife, who was pregnant
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · The Book of Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।