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सुनन नसाई

नंबर 3456

नंबर 3456किताब 27, नंबर 68
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ، قَالَ حَدَّثَنَا حُمَيْدٌ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ آلَى النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم مِنْ نِسَائِهِ شَهْرًا فِي مَشْرَبَةٍ لَهُ فَمَكَثَ تِسْعًا وَعِشْرِينَ لَيْلَةً ثُمَّ نَزَلَ فَقِيلَ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَلَيْسَ آلَيْتَ عَلَى شَهْرٍ قَالَ ‏ "‏ الشَّهْرُ تِسْعٌ وَعِشْرُونَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Anas said:"The Prophet swore an oath of abstention from his wives for a month and stayed in his room for twenty-nine days. It was said: 'O Messenger of Allah, did you not swear an oath of abstention for a month?' He said: 'This month is twenty-nine days
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAbu Ghuddah
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · The Book of Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।