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सुनन नसाई

नंबर 3438

नंबर 3438किताब 27, नंबर 50
أَخْبَرَنَا عِمْرَانُ بْنُ بَكَّارٍ، قَالَ حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ عَيَّاشٍ، قَالَ حَدَّثَنِي شُعَيْبٌ، قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو الزِّنَادِ، مِمَّا حَدَّثَهُ عَبْدُ الرَّحْمَنِ الأَعْرَجُ، مِمَّا ذَكَرَ أَنَّهُ سَمِعَ أَبَا هُرَيْرَةَ، يُحَدِّثُ عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ قَالَ ‏ "‏ انْظُرُوا كَيْفَ يَصْرِفُ اللَّهُ عَنِّي شَتْمَ قُرَيْشٍ وَلَعْنَهُمْ إِنَّهُمْ يَشْتِمُونَ مُذَمَّمًا وَيَلْعَنُونَ مُذَمَّمًا وَأَنَا مُحَمَّدٌ ‏"‏ ‏.‏
Abu Hurairah narrated that the Messenger of Allah said:"Look at how Allah diverts the insults and curses of Quraish from me. They insult 'Mudhammam' and curse 'Mudhammam' -but I am Muhammad
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · The Book of Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।