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सुनन नसाई

नंबर 3430

नंबर 3430किताब 27, नंबर 42
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مَنْصُورٍ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ عُمَيْرٍ، عَنْ عَطِيَّةَ الْقُرَظِيِّ، قَالَ كُنْتُ يَوْمَ حُكْمِ سَعْدٍ فِي بَنِي قُرَيْظَةَ غُلاَمًا فَشَكُّوا فِيَّ فَلَمْ يَجِدُونِي أَنْبَتُّ فَاسْتُبْقِيتُ فَهَا أَنَا ذَا بَيْنَ أَظْهُرِكُمْ ‏.‏
It was narrated that 'Atiyyah Al-Qurazi said:"On the day that Sa'd passed judgment on Banu Quraizah I was a young boy and they were not sure about me, but they did not find any pubic hair, so they let me live, and here I am among you
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · The Book of Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।