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सुनन नसाई

नंबर 3426

नंबर 3426किताब 27, नंबर 38
أَخْبَرَنِي مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى، قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدٌ، - وَهُوَ ابْنُ ثَوْرٍ - عَنْ مَعْمَرٍ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ كَعْبِ بْنِ مَالِكٍ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ فِي حَدِيثِهِ إِذَا رَسُولٌ مِنَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَدْ أَتَانِي فَقَالَ اعْتَزِلِ امْرَأَتَكَ ‏.‏ فَقُلْتُ أُطَلِّقُهَا قَالَ لاَ وَلَكِنْ لاَ تَقْرَبْهَا ‏.‏ وَلَمْ يَذْكُرْ فِيهِ الْحَقِي بِأَهْلِكِ ‏.‏
It was narrated from 'Abdur-Rahman bin Ka'b bin Malik that his father said:"The envoy of the Messenger of Allah came to me and said: 'Keep away from your wife.' I said: 'Should I divorce her?' He said: 'No, but do not approach her.'" And he (the narrator) did not mention (the words): "Go to your family
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · The Book of Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।