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सुनन नसाई

नंबर 3366

नंबर 3366किताब 26, नंबर 171
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ سَلَمَةَ، وَالْحَارِثُ بْنُ مِسْكِينٍ، قِرَاءَةً عَلَيْهِ وَأَنَا أَسْمَعُ، - وَاللَّفْظُ لَهُ - قَالَ أَنْبَأَنَا ابْنُ الْقَاسِمِ، عَنْ مَالِكٍ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، وَالْحَسَنِ، ابْنَىْ مُحَمَّدِ بْنِ عَلِيٍّ عَنْ أَبِيهِمَا، عَنْ عَلِيِّ بْنِ أَبِي طَالِبٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم نَهَى عَنْ مُتْعَةِ النِّسَاءِ يَوْمَ خَيْبَرَ وَعَنْ لُحُومِ الْحُمُرِ الإِنْسِيَّةِ ‏.‏
It was narrated from 'Abdullah and Al-Hasan, the sons of Muhammad bin 'Ali, from their father, from 'Ali bin Abi Talib, that the Messenger of Allah on the Day of Khaibar forbade temporary marriage to women, and (he also forbade) the meat of tame donkeys
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 26 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।