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सुनन नसाई

नंबर 3352

नंबर 3352किताब 26, नंबर 157
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا النَّضْرُ بْنُ شُمَيْلٍ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ صُهَيْبٍ، قَالَ سَمِعْتُ أَنَسًا، يَقُولُ قَالَ عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ عَوْفٍ رَآنِي رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم وَعَلَىَّ بَشَاشَةُ الْعُرْسِ فَقُلْتُ تَزَوَّجْتُ امْرَأَةً مِنَ الأَنْصَارِ ‏.‏ قَالَ ‏ "‏ كَمْ أَصْدَقْتَهَا ‏"‏ ‏.‏ قَالَ زِنَةَ نَوَاةٍ مِنْ ذَهَبٍ ‏.‏
Abdur-Rahman bin 'Awf said:"The Messenger of Allah saw me looking cheerful as I had just got married." I said: "I have gotten married to a woman of the Ansar." He said: "How much did you give her as a dowry?" He said: "A Nawah (five Dirhams) of gold
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 26 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।