सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 3345

नंबर 3345किताब 26, नंबर 150
أَخْبَرَنَا هَنَّادُ بْنُ السَّرِيِّ، عَنْ أَبِي زُبَيْدٍ، عَبْثَرِ بْنِ الْقَاسِمِ عَنْ مُطَرِّفٍ، عَنْ عَامِرٍ، عَنْ أَبِي بُرْدَةَ، عَنْ أَبِي مُوسَى، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ أَعْتَقَ جَارِيَتَهُ ثُمَّ تَزَوَّجَهَا فَلَهُ أَجْرَانِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Musa said:"The Messenger of Allah said: 'Whoever manumits his female slave, then marries her, he will have two rewards
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 26 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।