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सुनन नसाई

नंबर 3343

नंबर 3343किताब 26, नंबर 148
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ آدَمَ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، ح وَأَنْبَأَنَا عَمْرُو بْنُ مَنْصُورٍ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو نُعَيْمٍ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ يُونُسَ، عَنِ ابْنِ الْحَبْحَابِ، عَنْ أَنَسٍ، أَعْتَقَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم صَفِيَّةَ وَجَعَلَ عِتْقَهَا مَهْرَهَا ‏.‏ وَاللَّفْظُ لِمُحَمَّدٍ ‏.‏
It was narrated from Anas that the Messenger of Allah manumitted Safiyyah and made her freedom her dowry
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 26 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।