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सुनन नसाई

नंबर 3331

नंबर 3331किताब 26, नंबर 136
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ عُثْمَانَ بْنِ حَكِيمٍ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو نُعَيْمٍ، قَالَ حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ صَالِحٍ، عَنِ السُّدِّيِّ، عَنْ عَدِيِّ بْنِ ثَابِتٍ، عَنِ الْبَرَاءِ، قَالَ لَقِيتُ خَالِي وَمَعَهُ الرَّايَةُ فَقُلْتُ أَيْنَ تُرِيدُ قَالَ أَرْسَلَنِي رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم إِلَى رَجُلٍ تَزَوَّجَ امْرَأَةَ أَبِيهِ مِنْ بَعْدِهِ أَنْ أَضْرِبَ عُنُقَهُ أَوْ أَقْتُلَهُ ‏.‏
It was narrated that Al-Bara' said:"I met my maternal uncle who was carrying a flag (for an expedition) and I said: 'Where are you going?' He said: 'The Messenger of Allah is sending me to a man who has married his father's wife after he died, to strike his neck or kill him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 26 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।