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सुनन नसाई

नंबर 3329

नंबर 3329किताब 26, नंबर 134
أَخْبَرَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى، عَنْ هِشَامٍ، قَالَ وَحَدَّثَنِي أَبِي، عَنْ حَجَّاجِ بْنِ حَجَّاجٍ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ مَا يُذْهِبُ عَنِّي مَذَمَّةَ الرَّضَاعِ قَالَ ‏ "‏ غُرَّةُ عَبْدٍ أَوْ أَمَةٍ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Hajjaj bin Hajjaj that his father said:"I said: 'O Messenger of Allah, how can I pay back the dues of the one who breast-fed me?' He said: 'By giving a male or female slave
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAbu Ghuddah
  • DaifAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 26 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।