सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 3303

नंबर 3303किताब 26, नंबर 108
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عُبَيْدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ هَاشِمٍ، ‏{‏ عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ، ‏}‏ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي بَكْرٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَمْرَةَ، قَالَتْ سَمِعْتُ عَائِشَةَ، تَقُولُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ يَحْرُمُ مِنَ الرَّضَاعِ مَا يَحْرُمُ مِنَ الْوِلاَدَةِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that 'Amrah said:"I heard 'Aishah say: The Messenger of Allah said: 'What becomes unlawful (for marriage) through breast-feeding is that which becomes unlawful through birth
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 26 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।