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सुनन नसाई

नंबर 3282

नंबर 3282किताब 26, नंबर 87
أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ تَمِيمٍ، قَالَ سَمِعْتُ حَجَّاجًا، يَقُولُ قَالَ ابْنُ جُرَيْجٍ أَخْبَرَنِي سَعِيدُ بْنُ أَبِي أَيُّوبَ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ أَبِي حَبِيبٍ، أَنَّ أَبَا الْخَيْرِ، حَدَّثَهُ عَنْ عُقْبَةَ بْنِ عَامِرٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِنَّ أَحَقَّ الشُّرُوطِ أَنْ يُوَفَّى بِهِ مَا اسْتَحْلَلْتُمْ بِهِ الْفُرُوجَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'Utbah bin 'Amir that the Messenger of Allah said:"The conditions that are most deserving of fulfillment are those by means of which the private parts become permitted to you
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 26 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।