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सुनन नसाई

नंबर 3268

नंबर 3268किताब 26, नंबर 73
أَخْبَرَنَا هَارُونُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ حَدَّثَنَا مَعْنٌ، قَالَ حَدَّثَنَا مَالِكٌ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ الْقَاسِمِ، وَأَنْبَأَنَا مُحَمَّدُ بْنُ سَلَمَةَ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ الْقَاسِمِ، عَنْ مَالِكٍ، قَالَ حَدَّثَنِي عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ الْقَاسِمِ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، وَمُجَمِّعِ، ابْنَىْ يَزِيدَ بْنِ جَارِيَةَ الأَنْصَارِيِّ عَنْ خَنْسَاءَ بِنْتِ خِذَامٍ، أَنَّ أَبَاهَا، زَوَّجَهَا وَهِيَ ثَيِّبٌ فَكَرِهَتْ ذَلِكَ فَأَتَتْ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَرَدَّ نِكَاحَهُ ‏.‏
It was narrated from Khansa' bint Khidham that her father married her off when she had been previously married, and she was unwilling. She went to the Messenger of Allah and he annulled the marriage
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 26 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।